15/09/2026
"तेरा मेरा रिश्ता पुराना..."
(Appeal में Demand हट गई… Refund फिर भी रोका? Telangana HC: Proposed appeal binding order को suspend नहीं करती।)
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⭐ आज की बात
नमस्ते दोस्त!
फिल्म 'आवारापन' का वह मशहूर गाना तो आपने जरूर सुना होगा—
"तेरा मेरा रिश्ता पुराना..."
लेकिन टैक्स की दुनिया में हाल कुछ ऐसा है कि व्यापारी और डिपार्टमेंट का पुराना रिश्ता, 'अपील और रिफंड' के चक्कर में कभी पुराना नहीं होता!
व्यापारी अपील जीत जाता है।
वह सोचता है—
अब तो रिफंड का हकदार बन गया।
लेकिन डिपार्टमेंट कहता है—
"रिफंड नहीं देंगे।
हम आगे अपील करेंगे!"
₹19.33 करोड़ का ITC dispute था।
ADV Industrial Services ने DGGI की जांच के दौरान DRC-03 से रकम जमा की थी।
बाद में First Appellate Authority ने 16 September 2025 को अपील allow कर दी।
Order-in-Original set aside हो गया।
Taxpayer ने रिफंड मांगा।
लेकिन अधिकारी ने कहा—
डिपार्टमेंट इस आदेश के खिलाफ GSTAT में अपील करने की सोच रहा है।
इसलिए रिफंड रोका जाता है।
दिलचस्प बात यह थी कि जिस दिन रिफंड reject हुआ, उस दिन GSTAT में अपील दाखिल भी नहीं हुई थी।
वह महीनों बाद file हुई।
तो सवाल सीधा था—
क्या केवल
“हम आगे अपील करेंगे”
कह देने से कोई operative appellate order रुक जाता है?
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⭐ Telangana High Court का कड़ा फैसला
Telangana High Court ने 𝗦𝗲𝗰𝘁𝗶𝗼𝗻 107(16) स्पष्ट किया।
Appellate Authority का order तब तक parties पर binding रहता है, जब तक कोई सक्षम forum उसे stay या set aside न कर दे।
Department का अंदरूनी असंतोष अपने-आप stay नहीं बनता।
Future appeal का इरादा भी अपने-आप stay नहीं बनता।
Court ने judicial discipline का principle भी याद दिलाया।
Subordinate authority केवल अपनी असहमति के आधार पर superior appellate order को ignore नहीं कर सकती।
यही बात Kamalakshi Finance principles में भी सामने आती है।
अगर Department को refund रोकना ही था, तो उसका रास्ता 𝗦𝗲𝗰𝘁𝗶𝗼𝗻 𝟱𝟰(𝟭𝟭) का था।
उसमें statutory conditions पूरी करनी होती हैं।
Commissioner की required opinion जरूरी है।
Pending appeal या proceeding का सवाल देखना होता है।
और hearing का मौका भी देना होता है।
यहाँ refund rejection के समय GSTAT appeal pending नहीं थी।
कानून की सही withholding procedure भी follow नहीं हुई थी।
इसलिए High Court ने RFD-06 rejection order quash कर दिया।
Matter fresh consideration के लिए वापस भेज दिया गया।
Authority को 4 हफ्ते में fresh decision लेना है।
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⭐ चलते चलते
अपील जीतने के बाद केवल यह मानकर मत बैठिए कि काम हो गया।
तीन चीज़ें जरूर check करें:
1️⃣ Appellate order operative है या उस पर कोई stay है?
2️⃣ Department की आगे की appeal सच में pending है या केवल बात चल रही है?
3️⃣ Refund रोकने के लिए Section 54(11) की सही प्रक्रिया follow हुई है या नहीं?
इस judgment का सबक साफ है—
“हम अपील करेंगे”
और
“Order stay हो गया”
दोनों एक बात नहीं हैं!
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⭐ 𝗖𝗮𝘀𝗲 𝗥𝗲𝗳𝗲𝗿𝗲𝗻𝗰𝗲
❗𝗖𝗮𝘀𝗲: M/s. ADV Industrial Services Private Limited v. Union of India & Ors.
❗𝗖𝗼𝘂𝗿𝘁: High Court for the State of Telangana at Hyderabad
❗𝗗𝗮𝘁𝗲: 8 September 2026
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⭐ 𝗣𝗼𝘀𝘁 𝘄𝗿𝗶𝘁𝘁𝗲𝗻 𝗯𝘆:
𝗖𝗔 𝗩𝗶𝗸𝗮𝘀𝗵 𝗗𝗵𝗮𝗻𝗮𝗻𝗶𝗮 | 𝗚𝗦𝗧 𝗗𝗢𝗦𝗧
India’s most relatable tax storyteller
⭐ 𝗗𝗶𝘀𝗰𝗹𝗮𝗶𝗺𝗲𝗿
❗यह पोस्ट केवल सामान्य जागरूकता के लिए है।
❗समझाने के लिए रचनात्मक शैली अपनाई गई है।
❗इस पोस्ट के आधार पर कोई टैक्स, लीगल या बिज़नेस डिसिशन न लें।
❗हमेशा अपने कंसल्टेंट से सलाह लें।